मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन के अवसर पर बोले श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ बना कर हम सब को गौरान्वित किया...
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन के अवसर पर बोले श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ बना कर हम सब को गौरान्वित किया जिसे संवारने का काम 15 वर्षाो तक विकास पुरूष डॉ रमन सिंह ने किया है
प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास, सुरेन्द्र दुबे,डॉ. सुमन,कविता, दिनेश,बावरा गीत एवं गजल , वीर रस, हास्य कवियों ने अपनी कविताओं से समां बांधा
राजनांदगांव 16 अक्टूबर 2024। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन के अवसर पर युवा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा म्युनिसिपल स्कूल प्रांगण में आयोजित विराट कवि सम्मेलन में शिरकत की। मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों ने देर रात्रि तक कवि सम्मेलन में कविता पाठ का आनंद लिया। मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष ने सभी कवियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर श्रीमती सीमा गर्ग द्वारा लिखित ''हमारी संस्कृति हमारी धरोहर" किताब का विमोचन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उनके स्वस्थ, सुदीर्घ, खुशहाल एवं मंगलमय जीवन की कामना की । डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ के विकास पुरूष हैं, उन्होंने 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ की सेवा की है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, लेकिन उसे संवारने और गढऩे का कार्य डॉ. रमन सिंह ने किया और 15 वर्षों में प्रदेश का चहुंमुखी विकास हुआ। वे गरीब एवं जरूरतमंदों के लिए चऊरवाले बाबा के नाम से जाने गए।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले ने उन्हें एक नई पहचान दी है और परिवर्तन की यात्रा राजनांदगांव की धरती से प्रारंभ हुई, जिसके लिए उन्होंने सभी का आधार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की धरती में जो कोई आता है, उसका विकास होता है। उन्होंने कहा कि राजा घासीदास और बलराम दास ने राजनांदगांव शहर का आधार रखा और इस नगरी की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। यह नगरी साहित्यकार पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र, गजानंद माधव मुक्तिबोध की नगरी है। यहां नंदूलाल चोटिया, कुंज बिहारी चौबे और गणेश खरे जैसे साहित्यकार रहे है। यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारेलाल सिंह ने राजनांदगांव में जन्म लेकर स्वतंत्रता के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने सफल फिल्मकार किशोर साहू, दाऊ खुमान साव, दाऊ मंदरा जी जैसी हस्तियों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव मेरा अभिमान और मेरा स्वाभिमान है।
ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग मंत्री श्री विजय शर्मा, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, खेलकूद एवं युवा कल्याण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यन्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल, वाणिज्य-उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक भरतपुर-सोनहत श्रीमती रेणुका सिंह आरंग विधायक गुरू खुशवंत साहेब, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद श्री मधुसूदन यादव, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, श्री महेश गागड़ा, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग, युवा वेलफेयर फाउण्डेशन के अध्यक्ष श्री भावेश बैद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के सदस्य एवं अधिकारी व बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित थे।
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